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सफलता के लिए रिस्क लीजिये

"युवा समाज सुधारक संघ"

मंगल अपने गाँव का सबसे लम्बा चौड़ा लड़का था। पढाई में तो उतना अच्छा नहीं था लेकिन जब बात खेल कूद की आती तो मंगल ही सबसे अव्वल होता। अपने गाँव में ही नहीं मंगल ने दूसरे गाँव में जाकर भी कई खेल प्रतियोगिता जीती थीं और अपने गाँव का नाम रौशन किया था।
मंगल रोज सुबह उठकर लम्बी दौड़ लगाता, और सबसे बड़ी कुशलता मंगल की ये थी कि वो 15 फिट लम्बी छलाँग मार दिया करता था उसकी बहादुरी देखके लोग दांतों तले उँगलियाँ दबा लिया करते थे।
मंगल एक ही सांस में 15 फीट छलाँग मार देता था। दूसरे प्रतिभागी उसके आस पास भी नहीं कूद पाते थे। एक बार अख़बार में खबर छपी कि किसी गाँव में एक प्रतियोगिता है उसमें जो लड़का 13 फीट लम्बी छलाँग मारेगा उसे 1 लाख रुपये का इनाम मिलेगा।
बस फिर क्या था मंगल अपने मित्रों के साथ जा पहुँचा प्रतियोगिता में भाग लेने। जब वहाँ पहुँचे तो सब प्रतियोगी तैयार थे, मंगल भी अपनी पोजीशन लेके तैयार हो गया। लेकिन ये क्या – उस प्रतियोगिता में 5 मंजिल की दो इमारतें थी जिनके बीच की दूरी 13 फीट थी। अब एक ईमारत से दूसरी इमारत पर छलाँग लगानी थी। यूँ तो मंगल 15 फीट छलाँग मार देता था लेकिन आज मात्र 13 फीट की दूरी देखकर मंगल के हाथ पाँव फूल गए। उसे डर था कि मैं कहीं गिर ना जाऊं।
मंगल चाहता तो यूँ चुटकी बजाते ही 13 फीट छलांग मार देता लेकिन रिस्क लेने में वो डर रहा था। उसे डर था कहीं गिर ना जाऊं बस यही सोचकर मंगल ने छलाँग लगाने से इंकार कर दिया।
जियो तो हर पल ऐसे जियो जैसे कि आखिरी हो
कर कुछ ऐसा कि दुनिया बनना चाहे तेरे जैसा
दोस्तों ऐसा ही कुछ हमारे साथ भी होता है, कई बार हम जानते हैं कि हमारी मंजिल ज्यादा कठिन नहीं है और हम आसानी से मंजिल पा सकते हैं लेकिन रिस्क लेने का डर हमें आगे बढ़ने से रोकता है। मंगल भी चाहता तो 13 फीट उसके लिए कोई बड़ी बात नहीं थी लेकिन रिस्क के डर ने उसे हरा दिया। ऐसे ही हम भी जब कोई बिजनिस स्टार्ट करते हैं या कुछ बड़ा करने की कोशिश करते हैं तो सबसे पहले मन में यही सवाल आता है कि मैं गिर गया तो क्या होगा? मैं असफल हो गया तो क्या होगा? ये डर हमारे अंदर की क्षमता को दबा देता है और हम क्षमता होते हुए भी कुछ नहीं कर पाते। क्यूंकि हम रिस्क लेने से डरते हैं
कैसे आपकी मुस्कुराहट लाखों चेहरों पर मुस्कान ला सकती है?
दोस्तों जीवन में आगे बढ़ना है तो रिस्क लीजिए, नहीं तो जीवन भर एक बोझ लेके चलना पड़ेगा कि काश मैंने रिस्क लिया होता तो कुछ बड़ा कर गया होता। ये लेख आपको कैसा लगा? ये कमेंट करके हमें जरूर बताइए दोस्तों हमें आपके कमेंट्स का इंतजार है।
Yuva-ss-sangh.blogspot.com

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